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  • भारत का स्वर्ग – कश्मीर!?

    September 08 2025

    कश्मीर शब्द सुनते ही दीमाग में एक फारसी उक्ती आती है, और वो है; “गर फिरदौस बर रूहे ज़मीन अस्त, हमीन अस्तो हमीन अस्तो हमीन अस्त” जो अमीर खुसरो द्वारा कश्मीर के लिए कही गई थी। जिसका पूरा अर्थ है “अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह यहीं है, यहीं है, यहीं है…”.

    Dal Lake                                                 

    मेरी यात्रा गांधीनगर रेलवे-स्टेशन सें शुरु होकर जम्मू तवी रेलवे-स्टेशन पर जाके रुकी। वहा से हम टेम्पो ट्रावेलर द्वारा 19 April 2025 सुबह में श्रीनगर पहुँचे। श्रीनगर में SKICC (Sher-i-Kashmir International Conference Centre.) में 19 April से 27 April तक मोरारी बापु द्वारा रामकथा गायन का आयोजन था।

    मेंने श्रीनगरमें तुलीप गार्डन, चश्मे शाही, परी महल, श्री शंकराचार्य जी टेंपल, लाल चौक, डाल लेक, और बाजारमें घुमने का आनंद लीया। लेकीन एक अफसोस रह गया की में शिकाराविहार ना कर पाई; वैसे तो में मेरे सफर के अगले दिनो में करने ही वाली थी लेकीन संजोगोवसात ये संभव नही हुआ।

    visited by me                                                                                                

    वहा के लोगो का स्वभाव और सौंदर्य मेरे लीये आकर्षक और मनोहर था तथा काश्मीर सरकार का ये निर्णय मुजे बहुत अच्छा लगा की smrat city bus में स्त्री मुफ्त में मुसाफरी कर सकती है।श्रीनगर में आर्मी, आर्मी बस, टेंक, BSF केम्प ये सब दिखना स्वाभाविक है। वहा पे हर 200m के अंतर पर BSF आर्मी का पहरा लगा हुआ था । ये देख कर एसा ही लगता था जैसे स्वर्ग में द्वारपाल या गांवरक्षक होते है।

    security of Kashmir                              

    आगे बढु तो, कश्मीर कें कावा की बात ही कुछ और है ! कावा को “tredition tea of Kashmir” भी कहा जाता है और मेंने वहा पे सच्चा शिलाजीत भी देखा, जो ये प्रदेश में ही नीर्मीत होता है। शिलाजीत स्वस्थ स्वास्थ्य के लीये बहुत उपयोगी है, जीसे पहाड का पसीना भी कहा जाता है ।

    Kava & shilajit                                       

    लेकीन मेंने ये स्वर्ग में नर्क जैसा वातावरण भी देखा, और अनुभुत भी कीया। पहलगाम अटैक ( 22 April ) के दोरान हम श्रीनगर में ही थे। वैसे तो पहलगाम श्रीनगरसे करीबन 90km की दूरी पर था। फीर भी चारो ओर डर का माहोल था। पुरे श्रीनगर में बंध का एलान था। BSF आर्मी भी, जरुरत सें ज्यादा सतर्क होगई थी। यह अटैक के कारन हमें हमारा सफर बिचमें ही रोकना पडा।

    Closed shrinagar
    Remnants of the.                                    candlelightmarch                                  for the Pahalgam attack                    

    27 अप्रैल के बजाय हमें 24 अप्रैल को ही वापसी करनी पडी। हम बससे श्रीनगर से जम्मू तवी रेलवे-स्टेशन पहुंचे और वहासे राजधानी एक्सप्रेस में दिल्ली गए। वहा से हवाई जहाज द्वारा सरदार वल्लभभाई एअरपोर्ट – अहमदाबाद 25 April 2025 के दिन सुबह में पहुँच गए।

    View of Shrinagar                                 

    यह प्रवास के दौरान अंतत: यह समझ में आया कि

    देवता हो या मनुष्य, सब स्वर्ग के लीए ही लड़ते है।

    ली. कल्याणी कणजरीया

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